मेरे एहसास

लिखी हुई तो सब पढ़ ही लेते हैं, 
बात तो तब है जब आंखों को कोई पढ़ सके.... 
होंठों से कही तो सब सुन ही लेते हैं, 
बात तो तब है जब आंखों में छुपे आंसुओं की कहानी को कोई सुन सके...

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